सज्जनों सुनकर विचारो बात मेरी आज की

सज्जनों सुनकर विचारो बात मेरी आज की

सज्जनों सुनकर विचारो बात मेरी आज की सज्जनों सुनकर विचारो बात मेरी आज कीक्या आवश्यकता नहीं अब आर्य समाज की।।नास्तिकता आस्तिकता...