वैदिक भजन

तुम तो बसे प्रभु कण-कण में

तुम तो बसे प्रभु कण-कण में (तर्ज-घर आया मेरा परदेसी) तुम तो बसे प्रभु कण-कण में।प्रीत लगी तेरे सिमरन में। १. राह...
Read more
सत्यज्ञान की परिचायक ओ३म् यस्य भूमिः प्रमाऽन्तरिक्षमुतोदरम् ।दिवं यश्चक्रेमूर्धानं तस्मै ज्येष्ठाय ब्रह्मणेनमः ॥ सत्यज्ञान की परिचायक,यह पृथ्वी जिसके चरण समानजो इस विस्तृत...
प्रभु से जिस का प्यार हुआ है प्रभु से जिसका प्यार हुआ है।उसी का बेड़ा पार हुआ है।प्रभु से जिसका प्यार……… जिसका...
सच्चे शिव का मतवाला बीहड़ वन में विचर रहा थासच्चे शिव का मतवाला,छोड़ दिया था टंकारा……. सुनी जमाने ने न उसकी,क्या थी...
भक्ति में मन को लगाते रहेंगे जो भक्ति में मन को लगाते रहेंगें,सफल अपना जीवन बनाते रहेंगें, अन्धेरा मिटेगा तभी मन भवन...
ऋषि आते जो यहाँ ऋषि आते जो यहाँन हम पार कैसे होते, पार….. पढ़ने को वेद हमकोअधिकार कैसे होते, अधिकार….जिंदा तो थे...
भर दे झोलियाँ भर दे भर दे झोलियाँ भर दे,ओ जग के पालन हारे।तेरे द्वारे आके दाता,सबने हाथ पसारे। हम तेरे दर...
आप अपने को पहचानिये आप अपने आपको पहचानिये ।कौन हूँ? आया कहाँ से जानिये ॥ क्यों भटकता फिर रहा दर बदर,देखले अपने...
देख ईश्वर की लीला निराली देख ईश्वर की लीला निरालीनयनवाँ खुली 2 जायें।लखि पूरब से सूरज की लाली,नयनवाँ खुली खुली जायें...
ऋषि ऋण को चुकाना ऋषि ऋण को चुकाना हैआर्य राष्ट्र बनाना है।तो मिल के बढ़ो मंजिल पेचढ़ो बढ़ने का जमाना है।देश...
दर्शन दे देना आँखें बन्द करूं या खोलूं,मुझको दर्शन दे देनादर्शन दे देना, प्रभु जी मुझे दर्शन दे देना मैं नाचीज हूँ...
यतन कर ले मुक्ति का कोई तूयतन कर ले,रोज थोड़ा,प्रभु का भजन करले । भक्ति करेगा तो बड़ाही सुख पायेगा,भक्ति से आत्मा...