वैदिक भजन

वेद धर्म से प्यार धीरे-धीरे कर रहा आज संसार

वेद धर्म से प्यार धीरे-धीरे कर रहा आज संसार वेद धर्म से प्यार धीरे-धीरे,कर रहा आज संसारधीरे-धीरे । । टेक ॥आज...
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कर रही है खोज नई नित बुद्धि इन्सान की। कर रही है खोज नईनित बुद्धि इन्सान की।लेकिन है अफसोस अबतक अपनी...
दिल कहता हैं कुछ कहूँ (धुन-दिल करता) दिल कहता हैं कुछ कहूँना कहूँ कुछ क्यों नाकहूँ चुप कैसे रहूँऋषियों के देश...
नहीं विचारा हाल पै अपने बैठकर कभी।(धुन-मिल गये नैना से नैना) नहीं विचारा हाल पैअपने बैठकर कभी।हम क्या थे, क्या हो...
यह मानव का चोला क्यों (धुन-आ मेरे हमजोली आ) यह मानव का चोला क्योंचोलों मे अनमोला क्यों।ऋषियों ने बताया हैनहीं समझ...
अपने लिये जो औरों से चाहता है बर्ताव।(धुन-शोखियों में घोला जाये फूलों का) अपने लिये जो औरोंसे चाहता है बर्ताव।औरों के...
तू अगर खुदी को खो नहीं सकता। तू अगर खुदी कोखो नहीं सकता।जीवन में सफल होनहीं सकता।। टेक ।।दर्द जब तक...
दिल में बुरे विचार आप क्यों भर बैठे।(धुन-ना ना करते प्यार तुम्ही) दिल में बुरे विचारआप क्यों भर बैठे।नैया है मझधार,बिना...
शाम कुछ और है (तर्ज-जाने क्यों लोग मोहब्बत किया करते हैं) शाम कुछ और है,सुबह कुछ और हैं,बात आश्चर्य की,जाने वह...
न सर झुका के चलो न सर झुका के चलो,न सर उठा के चलो।हृदय में स्वाभिमानकी ज्योति जगाके चलो ।।अभिमान करना...
प्राणी सब संसार के हैं (धुन-आये दिन बहार के) प्राणी सब संसार के हैंसदस्य एक परिवार के।आओ सारे भाई मिलकरप्यार से...
प्रजा सोये खुले किवाड़ प्रजा सोये खुले किवाड़,किसी का होता नहीं बिगाड़।यहाँ प्रचार धर्म का हैं। टेक। शुद्ध सात्विक अन्न और फल,रोग...