वाचिक अधर्म चार हैं

वाचिक अधर्म चार हैं

वाचिक अधर्म चार हैं वाचिक अधर्म चार हैंवाणी अनुशासित कर, ।। टेक ।।पोरुष्यं अर्थात कटु उच्चारण।प्रथम पाप का करो निवारण।मृदु सत्य...