वही चांद सूरज वही हैं सितारे

वही चांद सूरज वही हैं सितारे

वही चांद सूरज वही हैं सितारे वही चांद सूरज वही हैं सितारे,मगर तुम कहां हो दयानन्द हमारे।। तू आर्य जगत का था...