लाखों जनम मैं तेरे

लाखों जनम मैं तेरे

लाखों जनम मैं तेरे लाखों जनम मैं तेरेध्यान करूँ निराकार, कहीं भी रहूँ मैं तुझे, करता रहूँगा जाष ।।२।। छोटा समझ के...