'रचना तुम्हारी प्यारी प्रभु'

‘रचना तुम्हारी प्यारी प्रभु’

'रचना तुम्हारी प्यारी प्रभु' 'रचना तुम्हारी प्यारी प्रभु' लाजवाब है पृथ्वी पहाड़ चाँद कही आफताब है।कोयल कहीं कूँ कूँ की यूँरटे...