यह जीवन ढलता जाता है।

अरे प्राणी क्यों सोया है, यह जीवन ढलता जाता है।

शिक्षा अरे प्राणी क्यों सोया है,यह जीवन ढलता जाता है।मिला अनमोल था हीरा,वृथा इसको गँवाता है।। हुआ अब तो सबेरा है-तुझे आलस्य...