यह कैसा प्रभु का चिन्तन है

यह कैसा प्रभु का चिन्तन है

यह कैसा प्रभु का चिन्तन है यह कैसा प्रभु का चिन्तन हैचित्त को चैन नहीं पलभर।हाथ में माला के मनके मनभटक...