यज्ञार्थ ही तू धन कमा।

यज्ञार्थ ही तू धन कमा।

यज्ञार्थ ही तू धन कमा। यज्ञार्थ ही तू धन कमा।यज्ञार्थ ही तू भोजन पका।मन का रे तू यज्ञ बना,प्राण हो जाए...