मैं कभी

मैं कभी, ना दिल से बिसराऊँ।

मैं कभी, ना दिल से बिसराऊँ। तर्ज - मैं कहीं कवि ना बन जाऊँ मैं कभी, ना दिल से बिसराऊँ।तेरा नाम हे...