मूर्तिपूजा
कण-कण वासी अन्तर्यामी
कण-कण वासी अन्तर्यामी,प्रभु भुलाना ठीक नहीं।कर के झूठी मनोकल्पना,मन बहलाना ठीक नहीं।कण-कण वासी अन्तर्यामी, प्रभु………
निराकार भगवान कहीं,आँखों से...
क्या कभी लाभ हुआ, पूजा से पत्थर के भगवान की।
क्या कभी लाभ हुआ,पूजा से पत्थर के भगवान की।गर पूजा से...
ओ३म् को छोड़, पत्थर का करें सम्मान जो।
ओ३म् को छोड़,पत्थर का करें सम्मान जो।खुद बना पत्थर के टुकड़ों को,कहें भगवान्...
मन्दिर में पड़ी मूर्ति, कुछ खा न सकेगी
मन्दिर में पड़ी मूर्ति, कुछ खा न सकेगी,पूछो जो कोई बात तो, बतला...
देखो दीवाने लोग भी, कैसा कमाल करते हैं।
देखो दीवाने लोग भी,कैसा कमाल करते हैं।पत्थर को ईश्वर की जगह पर,इस्तेमाल करते...
प्रभु निराकार है, लेता ना अवतार है
प्रभु निराकार है,लेता ना अवतार हैहर प्राणी में रमा हुआ है,जग का पालनहार है।जिसने...





