मुद्दत हो गई जाग री जाती

मुद्दत हो गई जाग री जाती

मुद्दत हो गई जाग री जाती मुद्दत हो गई जाग री जातीनाश हुआ तेरा सोने में।।तेरे सारे तन पर दीमकलग रही...