मुझको आज महान् बना दो।

मुझको आज महान् बना दो।

मुझको आज महान् बना दो। मुझको आज महान् बना दो।मैं नभ से जाकर टकराऊं,बल पौरुष से जग थर्राऊं।कोटि-कोटि कण्ठों में गूंजूं,मुझको...
मुझको आज महान् बना दो। मुझको आज महान् बना दो।मैं नभ से जाकर टकराऊं,बल पौरुष से जग थर्राऊं।कोटि-कोटि कण्ठों में गूंजूं,मुझको...