मिलेगी प्रभु की शरण धीरे-धीरे।।

तू कर बन्दगी और भजन धीरे-धीरे, मिलेगी प्रभु की शरण धीरे-धीरे।।

भक्ति तू कर बन्दगी और भजन धीरे-धीरे।मिलेगी प्रभु की शरण धीरे-धीरे।।तू कर बन्दगी और ……… ।।1।। दमन इन्द्रियों का तू करता चला...