मन में मिलन की चाह तो

मन में मिलन की चाह तो, लाए कभी नहीं

भक्ति मन में मिलन की चाह तो,लाए कभी नहीं,दर्शन तभी तो ईश के,पाए कभी नहीं।।1।। वह फूल क्या बता सके,होती है क्या...