मन की गति संवार रे मानव जीवन का उद्धार कर

मन की गति संवार रे मानव जीवन का उद्धार कर

मन की गति संवार रे मानव जीवन का उद्धार कर पर द्रव्येष्वभिध्यानम्, मनसानिष्ठाचिन्तनम् ।वितथाभिनिवेशश्च त्रिविधम् कर्म मानसन् ।। मन की गति संवार...