मछली को प्यास है

अचरज है जल में रहकर भी, मछली को प्यास है

भक्ति अचरज है जल में रहकर भी,मछली को प्यास है,फूलों में ज्यों सुवास,ईख मे मिठास है,भगवन् का त्यों विश्व के,कण-कण में...
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