भक्ति भरे भाव नेरङ्ग

भक्ति भरे भाव ने रङ्ग, तेरा ही रङ्गवाया

भक्ति भरे भाव नेरङ्ग, तेरा ही रङ्गवायामूक हूँ फिर भी तेरीतान को सुन पाया मैं गुमसुम प्रभु रहा तुझे सुनरोम-रोम हुआ...