ब्रह्म युजित उन्मुक्त तू हो जा धरती वासी रे।

ब्रह्म युजित उन्मुक्त तू हो जा धरती वासी रे।

ब्रह्म युजित उन्मुक्त तू हो जा धरती वासी रे। ब्रह्म युजित उन्मुक्ततू हो जा धरती वासी रे।। टेक ।।देश देश ना...