ब्रह्माण्ड की

ब्रह्माण्ड की, जब थी ना सत्ता

ब्रह्माण्ड की, जब थी ना सत्ता ब्रह्माण्ड की, जब थी ना सत्ताएक रस में थी, तेरी ही महत्ताबिन बाधित रहेगी सत्ताचलती...