ब्रह्मचारी को चाहिए धर्मी

ब्रह्मचारी को चाहिए धर्मी

ब्रह्मचारी को चाहिए धर्मी ब्रह्मचारी को चाहिए धर्मी,तन पर उबटन लावे ना।आंखों में ना काजल लावे,जूता पहन के जावे ना।काम,क्रोध,मद,लोभ छोड़...