बूंद-बूंद पर तेरे जाऊँ

बूंद-बूंद पर तेरे जाऊँ

बूंद-बूंद पर तेरे जाऊँ बूंद-बूंद पर तेरे जाऊँबार-बार बलिहारी।नदी सरोवर सागर बरसे,लागी झरियां भारी। मोरे आंगन क्यों न बरसे,मैं क्या बात बिगारी।तू...