बिन आत्मज्ञान के दुनिया में

बिन आत्मज्ञान के दुनिया में

बिन आत्मज्ञान के दुनिया में बिन आत्मज्ञान के दुनिया में,इंसान भटकते देखे हैं।आम बशर की तो बात ही क्या,सुलतान भटकते देखे...