बहुत हुऐ नाकाम काटों से दामन

बहुत हुऐ नाकाम काटों से दामन

बहुत हुऐ नाकाम काटों से दामन बहुत हुऐ नाकामकाटों से दामनअपना फंसाके,ख्वाबों की दुनियांका ऐसा नगर है,जिसकी ना मंजिलकोई अंधी डगर...