फिर भी शोक मनाता है।

जो जन जाने कर्म भोग को, फिर भी शोक मनाता है।

जो जन जाने कर्म भोग को, फिर भी शोक मनाता है। जो जन जाने कर्म भोग को,फिर भी शोक मनाता है।जो...