प्रातः उठ के जो प्रभु गुण गाएगा।
अमर फल पायेगा (तर्ज-चली चली रे पतंग मेरी चली रे)
प्रातः उठ के जो प्रभु गुण गायेगा,वो ही जग में अमर...
प्रातः उठ के जो प्रभु गुण गाएगा।वो ही जग में अमर फल पाएगा।चलें आँधियाँ हजार, टूटें गमों के पहाड़,कोई अपनी...

