प्रभु भुलाना ठीक नहीं।

कण-कण वासी अन्तर्यामी,प्रभु भुलाना ठीक नहीं।

कण-कण वासी अन्तर्यामी कण-कण वासी अन्तर्यामी,प्रभु भुलाना ठीक नहीं।कर के झूठी मनोकल्पना,मन बहलाना ठीक नहीं।कण-कण वासी अन्तर्यामी, प्रभु……… निराकार भगवान कहीं,आँखों से...