प्रभु कैसा विचित्र संसार है

प्रभु कैसा विचित्र संसार है, कहीं खुशियाँ कहीं हाहाकार है।

प्रभु कैसा विचित्र संसार है, कहीं खुशियाँ कहीं हाहाकार है। प्रभु कैसा विचित्र संसार है,कहीं खुशियाँ कहीं हाहाकार है।तेरी रचना का...