प्रथम सुख"धर्मी"वह होता

प्रथम सुख “धर्मी” वह होता, तन में ना बीमारी हो।

प्रथम सुख "धर्मी" वह होता, तन में ना बीमारी हो। प्रथम सुख"धर्मी"वह होता,तन में ना बीमारी हो।दूजा सुख उसको कहते हैं,घर...