पूर्वा संध्यां जपंतिष्ठ नैशमनो व्यपोहति ।

पूर्वा संध्यां जपंतिष्ठ नैशमनो व्यपोहति ।

पूर्वा संध्यां जपंतिष्ठ नैशमनो व्यपोहति । पूर्वा संध्यां जपंतिष्ठ नैशमनो व्यपोहति ।पश्चिमां तु समासीनो मलंहन्त दिवाकृतम ।। प्रातः काल की संध्यामें...