पक्षपात और अपस्वार्थ को छोड़ सरल होकर तू ध्यान।

पक्षपात और अपस्वार्थ को छोड़ सरल होकर तू ध्यान।

पक्षपात और अपस्वार्थ को छोड़ सरल होकर तू ध्यान। (लावनी) पक्षपात और अपस्वार्थ कोछोड़ सरल होकर तू ध्यान।न्याय तुला पर तोल दिखाऊँ,जो...