न मैं धाम-धरती

न मैं धाम-धरती, न धन चाहता हूँ, कृपा का तेरी एक...

न मैं धाम-धरती, न धन चाहता हूँ जपे नाम तेरा - सदा ऐसा दिल होसुने कीर्ति तेरी - वह श्रवण चाहता...