निर्बल के प्राण पुकार रहे

निर्बल के प्राण पुकार रहे

निर्बल के प्राण पुकार रहे निर्बल के प्राण पुकार रहे,जगदीश हरे जगदीश हरे।श्वासों के स्वर झंकार रहे,जगदीश हरे जगदीश हरे ।। आकाश...