निभाये जाना बेटी।
कुल की परम्परा मर्याद,निभाये जाना बेटी।
कुल की परम्परा मर्याद,निभाये जाना बेटी।तुम सास-ससुर घर जाओ,मत रोवो हमें रुलाओ।अपने बचपन का संसार,भुलाये...
कुल की परम्परा मर्यादा,निभाये जाना बेटी।
कुल की परम्परा मर्याद,निभाये जाना बेटी।अब सास श्वसुर घर जाओ,मत रोओ और रूलाओ।अपने बचपन का...

