निढाल गऊएं पुकारती हैं

निढाल गऊएं पुकारती हैं

निढाल गऊएं पुकारती हैं निढाल गऊएं पुकारती हैं,सभी तरफ ये निहारती हैं।कहीं तो होगा हमारा रक्षक,नजर न कोई भी आ रहा...