निकटतम से निकट है

निकटतम से निकट है

निकटतम से निकट है निकटतम से निकट हैये रे ब्रह्ममीत ।मुझ में प्रकृति में भराब्रह्म गौरव गीत ।। टेक ।। नेति नेति...