नमस्ते नाथ अविनाशी

नमस्ते नाथ अविनाशी, तुम्हें मस्तक नवाते हैं।

भक्ति नमस्ते नाथ अविनाशी,तुम्हें मस्तक नवाते हैं।तुम्हारे ध्यान चिन्तन में,सभी आनन्द पाते हैं।।1।। तुम्हीं सर्वेश स्वामी हो,तुम्ही भूः हो भुवः स्वः हो।हृदय...
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