धर्म की महिमा अपार

धर्म की महिमा अपार

धर्म की महिमा अपार (तर्ज-वक्त के दिन और रात वक्त के कल और आज) धर्म की महिमा अपार। धर्म पर ठहरा संसार।धर्म...