धर्म कर्म मत छोड़ो रे मनवा।

धर्म कर्म मत छोड़ो रे मनवा।

धर्म कर्म मत छोड़ो (तर्ज - झनक झनक मोरी बाजे पायलिया) धर्म कर्म मत छोड़ो रे मनवा।प्रीत की रीत न तोड़ो रे...