दीन दुःखियों को सताना छोड़ दो छोड़ दो।

दीन दुःखियों को सताना छोड़ दो छोड़ दो।

छोड़ दो (तर्ज-है बहारे बागे दुनियाँ चन्द रोज़) दीन दुःखियों को सताना छोड़ दो छोड़ दो।दिल जलों के दिल जलाना छोड़ दो...