दास्तां सुनायें किसका अपनी कमी की।

दास्तां सुनायें किसका अपनी कमी की।

दास्तां सुनायें किसका अपनी कमी की। दास्तां सुनायें किसका अपनी कमी की।फूल बन गये हैं कांटे भूलों से कभी की॥टेक॥अपनो को...