दामन में आग लगा बैठे

दामन में आग लगा बैठे

दामन में आग लगा बैठे दामन में आग लगा बैठेसपनों का बाग जला बैठेतृष्णाओं के दरिया कीधारा बढ़ती ही रहीबढ़ती...