दयानन्द ने दोबारा कभी जाके घर ना देखा।

दयानन्द ने दोबारा कभी जाके घर ना देखा।

दयानन्द ने दोबारा कभी जाके घर ना देखा। दयानन्द ने दोबाराकभी जाके घर ना देखा।वैराग्य हो तो ऐसा मुड़करउधर ना देखा॥...