दयानन्द ने गर जगाई न होती।

दयानन्द ने गर जगाई न होती।

दयानन्द ने गर जगाई न होती। दयानन्द ने गर जगाई न होती।तो वेदार हरगिज खुदाई न होती।।1।। न कातिल परस्ती जमाने से...