जीने का ढंग आया।

जीवन खतम हुआ तो, जीने का ढंग आया।

वैराग्य जीवन खतम हुआ तो,जीने का ढंग आया।जब शमां बुझ गई तो,महफिल में रंग आया।। गाड़ी निकल गई तब,घर से चला मुसाफिर।मायूस...