जिस तरह भी हो सके

जिस तरह भी हो सके, सत्संग में आना चाहिए।

सत्संग जिस तरह भी हो सके,सत्संग में आना चाहिए।प्रेम से नित ईश के,गुणगान गाना चाहिये।।मन की शुद्धि के लिये,ईश्वर की कर...