जहाँ भी देखो वहीं है ईश्वर

जहाँ भी देखो वहीं है ईश्वर

अ॒स्य श्रवो॑ न॒द्य॑: स॒प्त बि॑भ्रति॒द्यावा॒क्षामा॑ पृथि॒वी द॑र्श॒तं वपु॑: ।अ॒स्मे सू॑र्याचन्द्र॒मसा॑भि॒चक्षे॑ श्र॒द्धेकमि॑न्द्र चरतो वितर्तु॒रम् ॥ ऋग्वेद 1/102/2 जहाँ भी देखो वहीं है ईश्वर,यशोगान...