जला अस्थियां बारी-बारी

जला अस्थियां बारी-बारी

जला अस्थियां बारी-बारी जला अस्थियां बारी-बारी,चटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर,लिए बिना गर्दन का मोल।कलम, आज उनकी जय बोल। जो अगणित...