चाहे लाख मचाओं शोर कभी नहीं

चाहे लाख मचाओं शोर कभी नहीं

चाहे लाख मचाओं शोर कभी नहीं चाहे लाख मचाओंशोर कभी नहींबक्शें जायेगें मूर्खऔर कमजोर।। टेक ।। रोगों में प्रधान जगमें मूर्खता कमजोरी...
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